महरूम-ए-शहादतकीहैकुछतुझकोख़बरभी
ओदुश्मन-ए-जाँदेखज़राफिरकेइधरभी
हैजानकेसाथऔरइकईमानकाडरभी
वोशोख़कहींदेखनलेमुड़केइधरभी
वोहमसेनहींमिलतेहमउनसेनहींमिलते
इकनाज़-ए-दिल-आवेज़इधरभीहैउधरभी
ठंडाहोकलेजामिराइसआह-ए-सहरस
जबदिलकीतरहजलनेलगेग़ैरकाघरभी
अल्लाह-रीबे-ताबी-ए-दिलवस्लकीशबको
कुछकश्मकश-ए-शौक़भीकुछसुब्हकाडरभी
अंगड़ाइयाँलेलेकेउठेसाहब-ए-महफ़िल
कुछनींदभीआँखोंमेंहैकुछमयकाअसरभी
हममाँगतेहीक्यूँँजोयहीजानतेसाक़ी
फिरजाएगीक़िस्मतकीतरहतेरीनज़रभी
हमहाथसेदिलथा
मेंहुएदूरखड़ेहैं
देखेंतोकोईलेताहैकुछइसकाअसरभी
ऐजज़्बा-ए-दिलदेखबहुततूनेकमीकी
हाँआहोंमेंअबचाहिएथोड़ासाअसरभी
अबचुपरहोजोदिलपेगुज़रनीथीवोगुज़री
ऐसानहोफटजाएकहींज़ख़्म-ए-जिगरभी
महरूम-ए-शहादततुझेकुछशर्मनआई
कम-बख़्तगलाकाटकेजल्दीकहींमरभी
भारीहैमुसाफ़िरपेबहुतगोरकीमंज़िल
सुनतेहैंकिइसराहमेंहैजानकाडरभी
वोकशमकश-ए-ग़महैकिमैंकहनहींसकता
आग़ाज़काअफ़्सोसऔरअंजामकाडरभी
खोलआँखेंज़रामस्तहैक्यासाग़रजमसे
हैगर्दिश-ए-अय्यामकीकुछतुझकोख़बरभी
लैली-ए-शब-ए-हिज्रनेबिखरादिएगेसू
मातममेंमिरेचाक-ए-गरेबाँहैसहरभी
किसशानसेआतीहैमिरीशाम-ए-मुसीबत
वोदेखोजिलौमेंहैक़यामतकीसहरभी
बुझतीहुईइकशम्अ'हूँक्यादमकाभरोसा
दुश्मनहैमिरीजानकीअबआह-ए-सहरभी
देखेकोईजातीहुईदुनियाकातमाशा
बीमारभीसरधुनताहैऔरशम-ए-सहरभी
सहराकीहवाखींचेलिएजातीहैमुझको
कहताहैवतनदेखज़राफिरकेइधरभी
हाँकटगईशायदतिरेदीवानेकीबेड़ी
पिछले-पहरआईथीकुछआवाज़इधरभी
क्यावा'दा-ए-दीदारकोसचजानतेहो'यास'
लोफ़र्ज़करोआईक़यामतकीसहरभी
अल्लाहमुबारककरेपीरीकीसहर'यास'
मरनेकीतमन्नाथीतोलेअबकहींमरभी