कैसेकरूँँमैंज़ब्त-ए-राज़तूहीमुझेबताकियूँँ
ऐदिल-ए-ज़ारशरह-ए-राज़मुझसेभीतूछुपाकियूँँ
कैसेछुपाऊँसोज़-ए-दिलतूहीमुझेबताकियूँँ
शम्अबुझादीयारनेजैसेथामुद्दआकियूँँ
एकशिकस्त-ए-ज़ाहिरीफ़त्हबनेतोकिसतरह
आईना-दारबनगयाक़िस्सा-ए-कर्बलाकियूँँ
सोचरहाथाग़म-नसीबबिगड़ीबनेतोकिसतरह
रहमत-ओ-लुत्फ़-ए-किर्दगारबनगएआसराकियूँँ
येजोकहाकिपास-ए-इश्क़हुस्नकोकुछतोचाहिए
दस्त-ए-करमब-दोश-ए-ग़ैरयारनेरखदियाकियूँँ
पूछाख़िताबयारसेकिसतरहकीजिएशाम-ए-वस्ल
चुपकेसेअंदलीबनेफूलसेकुछकहाकियूँँ
लुत्फ़-ए-जफ़ा-ए-दोस्तकाकैसेअदाहोशुक्रिया
लज़्ज़त-ए-सोरिश-ए-जिगरदेनेलगीदु'आकियूँँ
हम-नफ़स-ओ-हबीब-ए-ख़ासबनतेहैंग़ैरकिसतरह
बोलीयेसर्द-मेहरी-ए-उम्र-ए-गुरेज़-पाकियूँँ
दोनोंहोंकैसेएकजा'मेहदी'सुरूर-ओ-सोज़-ए-दिल
बर्क़-ए-निगाह-ए-नाज़नेगिरकेबतादियाकियूँँ