mustaqil ab bujha bujha sa hai | मुस्तक़िल अब बुझा बुझा सा है

  - S A Mehdi
मुस्तक़िलअबबुझाबुझासाहै
आख़िरइसदिलकोयेहुआक्याहै
तुमकोचाहाबड़ाक़ुसूरकिया
तुमहीबतलादोकिअबसज़ाक्याहै
माँगलूँउनकादिलअगरवोकहें
क़त्लकातेरेख़ूँ-बहाक्याहै
क्यूँँनफ़समेंकबाबकीबूहै
मेरेसीनेमेंयेजलाक्याहै
मोहरहैसब्तक़ल्ब-ए-वाइज़पर
दाग़माथेपेबद-नुमाक्याहै
हज़रत-ए-दिलहैंक्यूँँउदासउदास
ना-उम्मीदीनेकुछकहाक्याहै
काफ़ीइकलफ़्ज़हैहुज़ूर-ए-ख़ुदा
येशब-ओ-रोज़इल्तिजाकियाहै
वहीमाँगोकिहोदु'आमक़्बूल
यानीअल्लाहचाहताक्याहै
देखिएयेकलाम-ए-'मेहदी'में
फ़िक्रइंसाँकीइंतिहाक्याहै
मैंनेआँखोंसेअश्कपोंछेथे
रंगदामनपेलालसाक्याहै
ज़ात'मेहदी'कीफिरग़नीमतहै
गरवोअच्छानहींबुराक्याहै
  - S A Mehdi
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