वरक़वरक़तुझेतहरीरकरतारहताहूँ
मैंज़िंदगीतिरीतशहीरकरतारहताहूँ
बहुतअज़ीज़हैमुझकोमसाफ़तोंकीथकन
सफ़रकोपाँवकीज़ंजीरकरतारहताहूँ
मुसव्विरोंकोहैज़ोम-ए-मुसव्विरीलेकिन
मैंअपनीज़ीस्तकोतस्वीरकरतारहताहूँ
मैंसौंपदेताहूँहररातअपनेख़्वाबोंको
हरएकसुब्हकोता'बीरकरतारहताहूँ
सिपरबनाताहूँलफ़्ज़ोंकोशे'रमेंलेकिन
क़लमकोअपनेमैंशमशीरकरतारहताहूँ
हज़ारऐबख़ुदअपनेहीनाममेंलिखकर
मैंतेरीरायहमा-गीरकरतारहताहूँ
वोमेरीफ़िक्रमेंबदलेकाज़हरघोलताहै
मगरमैंज़हरकोइक्सीरकरतारहताहूँ
मैंशहरशहरभटकताहूँऔररोज़ाना
ख़ुदअपनीज़ातकीतामीरकरतारहताहूँ
लिखेहैंहिस्सेमेंमेरे'रईस'सन्नाटे
नवा-ए-वक़्तकीतस्ख़ीरकरतारहताहूँ