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Top 10 of
Hrishita Singh
Top 10 of
Hrishita Singh
अपनी
ज़िद
में
हारे
हैं
तुमने
अपने
सब
सेे
ज़्यादा
प्यारे
लोग
Hrishita Singh
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आधी
नींद
के
मारे
लोग
कैसे
हैं
ये
बेचारे
लोग
Hrishita Singh
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यूँँ
तो
रहते
हैं
ख़ुद
से
बे-ख़बर
भी
है
अपने
पास
पर
ज़ौक़-ए-नज़र
भी
Hrishita Singh
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इन
सजावटों
की
कोई
आरज़ू
नइँ
जुगनुओं
से
कहना
बत्तियाँ
बुझा
दें
Hrishita Singh
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कभी
तो
ज़िंदगी
में
हादसों
का
नाम
रहा
कभी
तो
ज़िंदगी
ही
हादसों
के
नाम
हुई
Hrishita Singh
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तुम
फ़साने
इतने
बनाते
ही
रहते
ये
मुहब्बत
है
जाँ
सियासत
नहीं
है
Hrishita Singh
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दिल
लगा
ले
अब
और
वो
भी
किसी
से
अब
लगाने
की
मुझको
हिम्मत
नहीं
है
Hrishita Singh
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ये
अब
रौशनी
आँखों
में
चुभती
है
अँधेरा
ही
बस
अपना
सा
लगता
है
Hrishita Singh
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होना
अब
दर
-
बदर
छोड़
देंगे
ये
गली
रहगुज़र
छोड़
देंगे
काट
कर
तेरी
यादों
का
जंगल
नाम
तेरे
शजर
छोड़
देंगे
सजदे
में
रहना
इक
शख़्स
ख़ातिर
इल्तिजा
भी
असर
छोड़
देंगे
क़ैद
होने
के
डर
से
ही
अब
तो
पंछी
करना
बसर
छोड़
देंगे
है
अगर
पाना
मंज़िल
अकेले
फिर
अधूरा
सफ़र
छोड़
देंगे
मौत
आएगी
क्या
तुमको
भी
तब
हम
भी
तुमको
अगर
छोड़
देंगे
उम्र
थी
इक
सभी
शिकवों
की
भी
लेना
तेरी
ख़बर
छोड़
देंगे
अब
मुयस्सर
नहीं
उनको
रोज़ी
लड़के
भी
अपना
घर
छोड़
देंगे
अच्छा
है
तू
नहीं
हमको
हासिल
वरना
खोने
का
डर
छोड़
देंगे
आख़िरी
झूठ
है
कहते
हो,
ये
कहते
हो
ये
हुनर
छोड़
देंगे
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Hrishita Singh
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वो
तो
किसी
को
भी
अपना
ख़ास
नहीं
रखता
प्यारा
भी
हो
कोई
तो
वो
पास
नहीं
रखता
Hrishita Singh
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