मिट्टीथाऔरदूधमेंगूँधागयामुझे
इकचाँदकेवजूदमेंगूँधागयामुझे
मैंनीस्तऔरनबूदकीइककैफ़ियतमेंथा
जबवहम-ए-हस्त-ओ-बूदमेंगूँधागयामुझे
मैंचश्म-ए-कम-रसासेजिसेदेखतानथा
उसख़्वाब-ए-ला-हुदूदमेंगूँधागयामुझे
ख़स-ख़ाना-ए-ज़ियाँकीशररबारियोंकेबा'द
यख़-ज़ार-ए-नार-ए-सूदमेंगूँधागयामुझे
इकदस्त-ए-ग़ैबनेमुझेलाचाकपरधरा
फिरवक़्तकेजुमूदमेंगूँधागयामुझे
इसमेंतोआसमाँकेशजरभीसमरनदें
जिसख़ाक-ए-बे-नुमूदमेंगूँधागयामुझे
क़ौस-ए-क़ुज़हकीसम्तबहुतदेखताथामैं
आख़िरगुबार-ओ-दूदमेंगूँधागयामुझे