vaqt aur na-waqt ke ma-bain | वक़्त और ना-वक़्त के मा-बैन

  - Daniyal Tareer
वक़्तऔरना-वक़्तकेमा-बैन
कितनाफ़ासला
कितनाख़ला
कितनीघनेरीख़ामुशीहै
जाननेकीकोशिशोंमें
आँखकीऔरदिलकीउजलीआँखकी
बीनाइयाँकमपड़गईहैं
सोचताहूँ
सोचकाकोईपरिंदाभेजकर
इसहद्द-ए-ला-हदका
कोईअंदाज़ाकरलूँ
ख़ुदसेकहताहूँ
तुझेमालूमहै
येकामसोचोंकेपरिंदोंकानहीं
तख़्ईलकाहै
जोपरिंदाग़ैबकीइसझीलकाहै
जिसमेंसबना-दीदगाँके
अक्सबनतेरक़्सकरतेहैं
इन्हीना-दीदगाँमें
वक़्तऔरना-वक़्तकेमा-बैनका
वोफ़ासलाऔरवोख़लाऔरवोघनेरीख़ामुशी
भीहोतोक्यामालूम
बहतेअक्सउनकेताइर-ए-तख़्ईलकेशहपरसेलिपटेसाथजाएँ
येगहरेभेदमेरेहाथजाएँ
  - Daniyal Tareer
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