chashm-e-wa hi na hui jalwa-numa kya hota | चश्म-ए-वा ही न हुई जल्वा-नुमा क्या होता

  - Daniyal Tareer
चश्म-ए-वाहीहुईजल्वा-नुमाक्याहोता
औरहोताभीतोदेखेकेसिवाक्याहोता
रेतकेबाग़मेंक्याबाद-ए-बहारीकीतलब
कोईसब्ज़ाहीनहींथातोहराक्याहोता
इतनीसादाभीनहींआगऔरअंगूरकीरम्ज़
अज्रदेतासज़ातोभीख़ुदाक्याहोता
मेरीख़्वाहिशकेइलाक़ेसेपरेकुछभीथा
औरख़्वाहिशकेइलाक़ेमेंनयाक्याहोता
जिस्मपरसर्दहवाओंकीफ़ुसूँ-कारीथी
धूपता'वीज़करतीतोमिराक्याहोता
अज़दहेबननेलगेपेड़परिंदोंकेलिए
शहर-ए-पुर-ख़ौफ़मेंअबइससेबुराक्याहोता
देखनेमेंभीगयाथावोतमाशालेकिन
कोईबाक़ीरहारक़्सफ़नाक्याहोता
  - Daniyal Tareer
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