ख़्वाब-कारीवहीकमख़्वाबवहीहैकिनहीं
शे'रकाहुस्नअबद-ताबवहीहैकिनहीं
क्यापरीकोमुझेमछलीमेंबदलनाहोगा
देखनेकेलिएतालाबवहीहैकिनहीं
मैंजहाँआयाथापेड़ोंकीतिलावतकरने
सामनेक़र्या-ए-शादाबवहीहैकिनहीं
आँखकोनींदमेंमा'लूमनहींहोसकता
रातवोहैकिनहींख़्वाबवहीहैकिनहीं
जिसकोछूनेसेमिराजिस्मचमकउट्ठेगा
देखयेशीशा-ए-महताबवहीहैकिनहीं
येकहानीकेअलावसेचुराईहुईआग
महव-ए-हैरतहैकिबर्फ़ाबवहीहैकिनहीं
सरझुकानेसेजहाँअश्क-ए-तपाँजागाथा
सोचताहूँकियेमेहराबवहीहैकिनहीं