Ain Salam

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Ain Salam shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ain Salam's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
कितनाहुशियारहुआकितनावोफ़रज़ानाहुआ
तेरीमस्ती-भरीआँखोंकाजोदीवानाहुआ
आहयेआलम-ए-ग़ुर्बतयेशब-ए-तन्हाई
इकक़यामतहुईध्यानऐसेमेंतेराहुआ
इकजहाँआजभीहैउसकेतिलिस्मोंमेंअसीर
सबकाहोकरभीजोअय्यारकिसीकाहुआ
तुझकोअपनानेकायाराथाखोनेहीकाज़र्फ़
दिल-ए-हैराँइसीउलझावेमेंदीवानाहुआ
कैफ़ियतउसकीजुदाईकीपूछोयारो
दिलतहीहोकेभीछलकाहुआपैमानाहुआ
हाएवोलुत्फ़-ओ-करमउसकेसितमसेपहले
करकेबेगानाज़मानेसेजोबेगानाहुआ
रोज़-ए-महशरबनायाशब-ए-ग़मकोहमने
ज़िक्रतेराहीबसअफ़्सानादरअफ़्सानाहुआ
कर्बराहतहैकभीऔरकभीराहतकर्ब
इकमुअम्मायेमिज़ाज-ए-दिल-ए-दीवानाहुआ
एकमहसूसक़राबतकीवोख़ुशबू-ए-बदन
जिसकोछूनेकातसव्वुरमेंभीयारानाहुआ
कैफ़ियतदर्द-ए-तमन्नाकीवहीहैकिजोथी
तेराइज़हार-ए-वफ़ाभीदम-ए-ईसाहुआ
जानेकिसजान-ए-बहाराँकीलगनहैकि'सलाम'
दिलसामामूरा-ए-वहशतकभीसहराहुआ
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Ain Salam
वहशत-ए-ग़ममेंसुकूँज़ीस्तकोमिलताभीकहाँ
थाबयाबानमेंदीवारकासायाभीकहाँ
एकमुद्दतसेयादआईजाँतड़पीहै
दिलतुझेभूलगयाहोमगरऐसाभीकहाँ
हुस्नभीवोरहापहलासादिलदार-ए-हुनर
आहपहलीसीवोअबअज़्मत-ए-तेशाभीकहाँ
मस्लहत-बींहैअगरइश्क़-ए-जुनूँ-पेशातोक्या
अबवोपहलेकीतिरावुसअ'त-ए-सहराभीकहाँ
कोईमंज़िलहीथीमंज़िल-ए-ग़मसेआगे
क़ाफ़िलाअपनीतमन्नाओंकारुकताभीकहाँ
ग़ैर-महदूदख़लाओंमेंसफ़रकरताहूँ
औररसाईकायेआलमहैकिभटकाभीकहाँ
निकहत-ओ-नूरसेमा'मूरफ़ज़ाहैफिरभी
तोकिइसराहगुज़रसेअभीगुज़राभीकहाँ
हरम-ओ-दैरसेयेसरजोकशीदाआया
झुकगयादरपेतिरेऔरयेझुकताभीकहाँ
ख़ाकउड़ाताहैअभीदश्त-ए-तलबहीमें'सलाम'
दिल-ए-रुस्वायेहुआहैअभीरुस्वाभीकहाँ
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Ain Salam
आरज़ूओंकेधड़कतेशहरजलकररहगए
कैसेकैसेहश्रख़ामोशीमेंढलकररहगए
ख़ातिर-ए-ख़स्ताकाअबकोईनहींपुर्सान-ए-हाल
कितनेदिलदारीकेउनवानथेबदलकररहगए
अबकहाँअहद-ए-वफ़ाकीपासदारीअबकहाँ
जोहक़ाएक़थेवोअफ़्सानोंमेंढलकररहगए
अबकहाँवोसाहिलोंसेसैर-ए-तूफ़ान-ए-हयात
अबतोवोसाहिलतलातुममेंबदलकररहगए
हासिल-ए-ग़मयाग़म-ए-हासिलमुयस्सरकुछनहीं
ज़िंदगानीकेसभीअस्बाबजलकररहगए
हाएवोग़मजोबयाँकीहदमेंसकतेथे
क़ैद-ए-अश्क-ओ-आहसेआगेनिकलकररहगए
अल-अमाँहालातकीमहशर-ख़िरामीअल-अमाँ
डगमगाएइसक़दरगोयासँभलकररहगए
रहगयाहूँएकमैंतन्हाहुजूम-ए-बर्क़में
हम-नवासारेचमनकेसाथजलकररहगए
बनतोसकतेथेवोतूफ़ान-ए-क़यामत-ख़ेज़भी
जोधड़कतेवलवलेअश्कोंमेंढलकररहगए
एकवोहैंडालतेहैंमाह-ओ-अंजुमपरकमंद
औरइकहमहैंकिख़्वाबोंसेबहलकररहगए
जिनकोहासिलथाज़मानेमेंसुकून-ए-इज़्तिराब
अपनेहीएहसासकेशो'लोंमेंजलकररहगए
जिनकीख़ामोशीथीमशहूर-ए-ज़माना'सलाम'
आजउनकेमुँहसेभीशिकवेनिकलकररहगए
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