कभीटूटानअफ़्सून-ए-सितमतेरीहुज़ूरीका
बहुतनज़दीकरहकरभीरहाएहसास-ए-दूरीका
कहाँतकसाथदेगीदेखेंअपनीबे-नियाज़ीभी
ख़ुमार-ए-तिश्नगीख़म्याज़ाहैदश्त-ए-सुबूरीका
हज़ारोंआफ़्ताबोंकेलहूसेतमतमाताहै
भरमइकमुस्कुरातेचेहरा-ए-ज़ेबाकीनूरीका
हुज़ूरइरशादअपनामेरीआँखोंमेंबसादीजे
किफिरशाकीनहोकोईबयाँमंज़रसेदूरीका
येमहरूमीतोअपनीबेबसीहीकीमुकाफ़ीहै
सिलाकुछऔरहोनाचाहिएथाना-सुबूरीका
मोहब्बतख़ुद-फ़रामोशीसेगुज़रीअबयेआलमहै
किइकआलमतमाशाईहैअपनीबे-शुऊरीका