घरकीबुनियादेंदीवारेंबाम-ओ-दरथेबाबूजी
सबकोबाँधकेरखनेवालाख़ासहुनरथेबाबूजी
तीनमोहल्लोंमेंउनजैसीक़दकाठीकाकोईनथा
अच्छे-ख़ासेऊँचेपूरेक़द-आवरथेबाबूजी
अबतोउससूनेमाथेपरकोरे-पनकीचादरहै
अम्माजीकीसारीसज-धजसबज़ेवरथेबाबूजी
भीतरसेख़ालिसजज़्बातीऔरऊपरसेठेठपिता
अलगअनूठाअनबूझासाइकतेवरथेबाबूजी
कभीबड़ासाहाथ-ख़र्चथेकभीहथेलीकीसूजन
मेरेमनकाआधासाहसआधाडरथेबाबूजी