hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manish Kumar Gupta
phool jhadne lage hain ab sahab
phool jhadne lage hain ab sahab | फूल झड़ने लगे हैं अब साहब
- Manish Kumar Gupta
फूल
झड़ने
लगे
हैं
अब
साहब
कल
तलक
आप
देते
थे
गाली
- Manish Kumar Gupta
Download Sher Image
वक़्त
ही
कम
था
फ़ैसले
के
लिए
वर्ना
मैं
आता
मशवरे
के
लिए
तुम
को
अच्छे
लगे
तो
तुम
रख
लो
फूल
तोड़े
थे
बेचने
के
लिए
Read Full
Zia Mazkoor
Send
Download Image
59 Likes
पहले
उसकी
ख़ुशबू
मैंने
ख़ुद
पर
तारी
की
फिर
मैंने
उस
फूल
से
मिलने
की
तैयारी
की
इतना
दुख
था
मुझको
तेरे
लौट
के
जाने
का
मैंने
घर
के
दरवाजों
से
भी
मुँह
मारी
की
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
111 Likes
वो
सिर्फ़
फूल
नहीं
ख़ुद
में
ही
क्यारी
था
हमारा
शे'र
तुम्हारी
ग़ज़ल
पे
भारी
था
सब
उसके
चाहने
वाले
सलाम
करते
थे
मैं
उस
हसीन
का
सब
सेे
बड़ा
पुजारी
था
Read Full
Vishnu virat
Send
Download Image
23 Likes
मिरे
ही
वास्ते
लाया
है
दोनो
फूल
और
ख़ंजर
मुझे
ये
देखना
है
बस
वो
पहले
क्या
उठाता
है
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
41 Likes
गया
था
माँगने
ख़ुशबू
मैं
फूल
से
लेकिन
फटे
लिबास
में
वो
भी
गदा
लगा
मुझ
को
Aanis Moin
Send
Download Image
22 Likes
तुमने
जो
फूल
लेते
में
छू
लीं
हैं
उंगलियाँ
मेरे
बदन
से
आएगी
ख़ुशबू
गुलाब
की
Siddharth Saaz
Send
Download Image
35 Likes
पैर
के
छालों
में
चुभते
हैं
हजारों
काँटें
फूल
तब
बाग
में
शायान
हुआ
करते
हैं
Aves Sayyad
Send
Download Image
10 Likes
नज़र
से
नज़र
भर
नज़र
क्या
मिली
ख़िज़ाँ
में
खिली
इक
कली
फूल
की
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
जिन
से
उठता
नहीं
कली
का
बोझ
उन
के
कंधों
पे
ज़िन्दगी
का
बोझ
वक़्त
जब
हाथ
में
नहीं
रहता
किस
लिए
हाथ
पर
घड़ी
का
बोझ
Read Full
Vikram Sharma
Send
Download Image
43 Likes
महीनों
फूल
भिजवाने
पड़े
थे
वो
पहली
बार
जब
रूठा
था
मुझ
से
Varun Anand
Send
Download Image
77 Likes
Read More
देखता
हूँ
मैं
भी
हैरानी
के
साथ
आग
की
है
दोस्ती
पानी
के
साथ
पास
अब
धेला
नहीं
तो
क्या
हुआ
है
मगर
राजा
किसी
रानी
के
साथ
मेरी
हालत
है
भिखारी
की
तरह
रात
दिन
रहता
हूँ
मैं
दानी
के
साथ
मुश्किलें
आती
हैं
तो
आती
रहें
हल
भी
कर
दूँगा
मैं
आसानी
के
साथ
बिजली
से
चलने
लगी
जब
चक्कियाँ
बैल
अब
दिखते
नहीं
घानी
के
साथ
घेर
कर
रखते
थे
बच्चे
रात
दिन
अब
नहीं
रहता
कोई
नानी
के
साथ
Read Full
Manish Kumar Gupta
Download Image
0 Likes
बेबसी
का
इक
नज़ारा
देखिए
कौन
है
क़िस्मत
का
मारा
देखिए
इक
निवाले
को
तरसते
जो
यहाँ
या
ख़ुदा
उनका
इशारा
देखिए
ज़ख़्म
जो
नासूर
बन
के
रिस
रहा
दर्द
हरता
कौन
सारा
देखिए
बेज़ुबाँ
हैं
दर्द
कितने
सह
रहे
कौन
बनता
है
सहारा
देखिए
जो
बिछौना
हैं
बनाए
राह
को
आसमाँ
चादर
सहारा
देखिए
Read Full
Manish Kumar Gupta
Download Image
1 Like
जिसे
मैं
चाहता
हूँ
ग़लती
से
आज
क़यामत
हो
अगर
वो
कॉल
कर
ले
Manish Kumar Gupta
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
तो
बे-वफ़ा
हुआ
जानम
जिस्म
को
जिस्म
ही
सहारा
है
Manish Kumar Gupta
Send
Download Image
0 Likes
कोई
साया
नज़र
नहीं
आता
कोई
मेरा
नज़र
नहीं
आता
झाँकता
हूँ
मैं
झील
में
तो
मुझे
अक्स
ख़ुद
का
नज़र
नहीं
आता
शह्र
कोहसार
से
भरा
था
ये
अब
तो
ज़र्रा
नज़र
नहीं
आता
मैं
ग़ज़ल
लिक्खूँ
तो
भला
कैसे
कोई
सफ़्हा
नज़र
नहीं
आता
सब
ही
तन्हा
जिसे
समझते
हैं
वो
तो
तन्हा
नज़र
नहीं
आता
ग़ालिबन
बादलों
में
छुप
गया
है
शम्स
उगता
नज़र
नहीं
आता
Read Full
Manish Kumar Gupta
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Friendship Shayari
Khwaahish Shayari
Diversity Shayari
Chaand Shayari
Subah Shayari