saawan | सावन

  - Wazir Agha
सावन
तेरीभीगीपलकें
झुकीहुईअच्छीलगतीहैं
टपटपगिरतीनिर्मलबूँदें
शबभरटीनकीठंडीछतपर
नाज़ुकसीपोरोंसेटाइपकरतीहुई
अच्छीलगतीहैं
गएदिनोंकेनाम
मोअ'त्तरख़तलिखतीअच्छीलगतीहैं
छतकेनीलेकाग़ज़केनीचेमैंख़ुदभी
जैसेइकमैलासाकोराकाग़ज़हूँ
मेरेबदनपर
पोरोंकीमीठीज़र्बोंसे
लफ़्ज़ोंकेसाएउतरेहैं
ख़तकेसारेशब्दमुझेपहचानगएहैं
क्यालिक्खाहै
क्याजानूँमैंक्यालिक्खाहै
कौनसीऐसीअनहोनीसीबातथीजिसने
बरसोंपहले
कहनेकेपल्लूसेख़ुदकोबाँधाथा
औरफिरदिलकीडोलीमेंमहबूसहुईथी
इतनेलम्बेबोझलसालों
ख़ुदसेभीवोछिपीरहीथी
आजउसेकिसमजबूरीने
लफ़्ज़ोंकेलबछूलेनेपरउकसायाहै
गएदिनोंकेनामयेनामालिखवायाहै
सावनकायेआख़िरीदिनहै
कलजबभादोंजाएगा
टीनकीछतपरअपनेउजलेपरफैलाना
आनेवालीसुर्ख़रुतोंके
ख़्वाबोंमेंजबखोजाएगा
सबआवाज़ेंथमजाएँगी
पलकेंथककरसोजाएँगी
गएदिनोंकानाम
मनोंमिट्टीकेनीचेदबजाएगा
अगलासावनकबआएगा
  - Wazir Agha
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy