ham apne aap ko ik mas'ala banaa na sake | हम अपने आप को इक मसअला बना न सके

  - Waseem Barelvi
हमअपनेआपकोइकमसअलाबनासके
इसीलिएतोकिसीकीनज़रमेंसके
हमआँसुओंकीतरहवास्तेनिभासके
रहेजिनआँखोंमेंउनमेंहीघरबनासके
फिरआँधियोंनेसिखायावहाँसफ़रकाहुनर
जहाँचराग़हमेंरास्तादिखासके
जोपेशपेशथेबस्तीबचानेवालोंमें
लगीजबआगतोअपनाभीघरबचासके
मिरेख़ुदाकिसीऐसीजगहउसेरखना
जहाँकोईमिरेबारेमेंकुछबतासके
तमामउम्रकीकोशिशकाबसयहीहासिल
किसीकोअपनेमुताबिक़कोईबनासके
तसल्लियोंपेबहुतदिनजियानहींजाता
कुछऐसाहोकेतिराए'तिबारसके
  - Waseem Barelvi
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