miTTi ki deewaar pe ik khunti se latki | मिट्टी की दीवार पे इक खूँटी से लटकी

  - Wali Alam Shaheen
मिट्टीकीदीवारपेइकखूँटीसेलटकी
मेरीयादोंकीज़म्बील
जिसमेंछुपेथे
रंग-बिरंगेकपड़ोंकेबोसीदाकतरन
गोलगोलसीनन्हीमुन्नीकरधनियोंकेदाने
इकअमरूदकीडालीकाटकेबाबानेजोबनाईथी
वोटेढ़ी-मेढ़ीएकग़ुलैल
नीलेपीलेमटियालेऔरलालपरोंकीढेरी
चौड़ेमुँहकाइकमुँहज़ोरसाकाठकाअड़ियलघोड़ा
अपनीअकड़मेंखाताहुआबग्घीवालेकाकोड़ा
इतनीमुद्दतबा'दजोखोलीमैंनेवोज़म्बील
इकनन्हाइसमेंसेनिकलकरजैसेसरपटभागा
देखताथापीछाहीवोअपनाऔरअपनाआगा
औरउलझताजाताजितनाखुलतालिपटाधागा
जैसेभयानकसपनेदेखेकईदिनोंकाजागा
अबकेफिरवोनज़रआयातोसरगोशीमेंपूछूँगा
तुमतोमेरेयारथेफिरक्यूँँ
सालोंसालनहींमिलनेको
अपनेशुऊ'रकीहैरानीकाबोझउठाए
जानेकितनीकठिनराहोंसेगुज़रतेहो
जगवालोंपरहँसतेहोयाछुपछुपआहेंभरतेहो
बस्तीछोड़केजंगलजंगलरैनबसेराकरतेहो
याफिरइकपातालकीनिचलीतहमेंउतरजामरतेहो
शायदतुमभीगौतमहोऔरअपनेआपसेडरतेहो
  - Wali Alam Shaheen
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