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Wajid Husain Sahil
vaqt har vaqt kahaan ek sa rah paata hai
vaqt har vaqt kahaan ek sa rah paata hai | वक़्त हर वक़्त कहाँ एक सा रह पाता है
- Wajid Husain Sahil
वक़्त
हर
वक़्त
कहाँ
एक
सा
रह
पाता
है
माज़ी
जाता
है
तो
फिर
हाल
बदल
जाता
है
दिन
महीने
दरो-दीवार
वही
रहते
हैं
बस
कैलेंडर
है
जो
हर
साल
बदल
जाता
है
- Wajid Husain Sahil
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न
सहम
कर
न
डर
के
छोड़ता
है
हंस
तालाब
मर
के
छोड़ता
है
वक़्त
बर्बाद
करने
वालों
को
वक़्त,
बर्बाद
कर
के
छोड़ता
है
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Harman Dinesh
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वक़्त
हर
ज़ख़्म
का
मरहम
तो
नहीं
बन
सकता
दर्द
कुछ
होते
हैं
ता-उम्र
रुलाने
वाले
Sada Ambalvi
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मैं
भूल
चुका
हूँ
कि
ये
वनवास
है
वन
है
इस
वक़्त
मेरे
सामने
सोने
का
हिरन
है
मैं
ध्यान
से
कुछ
सुन
ही
नहीं
पाऊँगा
सरकार
मैं
क्या
ही
बताऊँ
कि
मेरा
ध्यान
मगन
है
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Vikram Gaur Vairagi
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उस
ने
इस
तरह
से
बदला
है
रवय्या
अपना
पूछना
पड़ता
है
हर
वक़्त,
तुम्हीं
हो
ना
दोस्त?
Inaam Azmi
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अब
उस
सेे
दोस्ती
है
जिस
सेे
कल
मुहब्बत
थी
अब
इस
सेे
ज़्यादा
बुरा
वक़्त
कुछ
नहीं
है
दोस्त
Vishal Singh Tabish
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दिल
में
और
दुनिया
में
अब
नहीं
मिलेंगे
हम
वक़्त
के
हमेशा
में
अब
नहीं
मिलेंगे
हम
Jaun Elia
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ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
Kashif Sayyed
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था
इंतिज़ार
मनाएँगे
मिल
के
दीवाली
न
तुम
ही
लौट
के
आए
न
वक़्त-ए-शाम
हुआ
Aanis Moin
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जैसे
तुमने
वक़्त
को
हाथ
में
रोका
हो
सच
तो
ये
है
तुम
आँखों
का
धोख़ा
हो
Tehzeeb Hafi
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मुसाफ़िरों
के
दिमाग़ों
में
डर
ज़ियादा
है
न
जाने
वक़्त
है
कम
या
सफ़र
ज़ियादा
है
Hashim Raza Jalalpuri
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उनके
वादे
पे
कर
लिया
था
यक़ीं
रात
भर
जागती
रहीं
आँखें
Wajid Husain Sahil
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गिरते-पड़ते
ख़ुद
ही
मंज़िल
पा
गया
ठोकरें
खाईं
तो
चलना
आ
गया
कल
अचानक
आ
के
मेरे
सामने
दिल
मेरा
वो
ज़ोर
से
धड़का
गया
क्या
हुआ
जो
वो
न
मुझको
मिल
सका
ज़ीस्त
में
ग़म
का
मज़ा
तो
आ
गया
बाद
मुद्दत
के
मिली
उन
सेे
नज़र
और
इन
आँखों
में
पानी
आ
गया
दूसरों
के
ऐब
गिनता
था
बहुत
आइना
देखा
तो
खु़द
शरमा
गया
इश्क़
में
'साहिल'
जुदाई
शर्त
है
दिल
को
कोई
आ
के
ये
समझा
गया
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Wajid Husain Sahil
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तुम
अपने
बच्चों
को
तालीम
से
करो
रौशन
फिर
इन
में
देखना
कितने
कलाम
निकलेंगे
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Wajid Husain Sahil
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उम्र-भर
मुझको
यही
बात
चुभेगी
'साहिल'
वो
भी
रोई
थी
बहुत
मुझ
सेे
किनारा
कर
के
Wajid Husain Sahil
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एक
मुद्दत
की
रियाज़त
का
सिला
है
'साहिल'
मेरे
अश'आर
जो
लोगों
की
ज़बाँ
तक
पहुँचे
Wajid Husain Sahil
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