umr ko karti hain paamaal barabar yaaden | उम्र को करती हैं पामाल बराबर यादें

  - Waheed Akhtar
उम्रकोकरतीहैंपामालबराबरयादें
मरनेदेतीहैंजीनेयेसितमगरयादें
हैंकभीख़ून-ए-तमन्नाकीशनावरयादें
शाख़-ए-दिलपरहैंकभीबर्ग-ए-गुल-ए-तरयादें
हिम्मत-ए-कोह-कनीपरभीकभीभारीहैं
औरतुलतीहैंकभीनोक-ए-मिज़ापरयादें
थककेदुनियासेअगरकीजिएख़्वाबोंकीतलाश
नींदउड़ादेतीहैंअफ़्सानेसुनाकरयादें
राहभूलेहुएसय्याहकोतन्हापाकर
लूटलेतीहैंमिटादेतीहैंछुपकरयादें
अहद-ए-रफ़्ताकेपुर-असरारघनेजंगलमें
फूँककरसेहरबनादेतीहैंपत्थरयादें
कोईख़ुद-रफ़्ता-ओ-गुम-गश्ताभटकताहैजहाँ
अजनबीबनकेवहाँमिलतीहैंअक्सरयादें
जबभीमाज़ीकेदयारोंसेगुज़रहोताहै
कासा-ए-चश्मलिएफिरतीहैंदर-दरयादें
  - Waheed Akhtar
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