koi charaaghh na jugnoo safar men rakha gaya | कोई चराग़ न जुगनू सफ़र में रक्खा गया

  - Wafa Naqvi
कोईचराग़जुगनूसफ़रमेंरक्खागया
दिल-ओ-दिमाग़कोजबअपनेघरमेंरक्खागया
खुरचखुरचकेलिखानामएकख़ुश्बूका
किसीकीयादकोयूँँभीशजरमेंरक्खागया
जोएकलम्हेकोचमकाथातूरहस्तीपर
वहीतोअक्सहमेशानज़रमेंरक्खागया
मिरीनिगाहनेदेखेनहींखंडरअबतक
मुझेतोगाँवसेपहलेनगरमेंरक्खागया
मुझेहीफ़िक्ररहीइकअनाकेमिटनेकी
किइकजुनूनसामेरेहीसरमेंरक्खागया
तराशतीहीरहींउसकीउँगलियाँमुझको
मिरावजूदकिसीकेहुनरमेंरक्खागया
उफ़ुक़पेफूलवफ़ाओंकाजबहुआरौशन
सिसकतीशबकेलहूकोसहरमेंरक्खागया
  - Wafa Naqvi
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