ghuroob hote hue surjon ke paas rahe | ग़ुरूब होते हुए सूरजों के पास रहे

  - Wafa Naqvi
ग़ुरूबहोतेहुएसूरजोंकेपासरहे
उदासशामकीमानिंदहमउदासरहे
खंडरसाएकमकाँताकताहैरस्तोंको
जानेआजकहाँइसकेग़मशनासरहे
बहारआईतोसज-धजकेहोगएतय्यार
दरख़्तसिर्फ़ख़िज़ाओंमेंबे-लिबासरहे
येकहकेहोगएथोड़ेसेबे-वफ़ाहमभी
हमेशाकौनमोहब्बतमेंदेवदासरहे
मिरेख़यालमेंतौहीनहैअक़ीदतकी
समुंदरोंमेंरहूँऔरलबोंपेप्यासरहे
  - Wafa Naqvi
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