ham ko shikasta-haal ke dukh bhogne pade | हम को शिकस्ता-हाल के दुख भोगने पड़े

  - Vivek Bijnori
हमकोशिकस्ता-हालकेदुखभोगनेपड़े
या'नीतेरेविसालकेदुखभोगनेपड़े
हरसालतुझसेदूरियाँबढ़तीचलीगईं
हमकोहरएकसालकेदुखभोगनेपड़े
अपनेजवाबपरहमेंशर्मिंदगीहुई
लेकिनतिरेसवालकेदुखभोगनेपड़े
पहलेतोहमनेउसकीबहुतदेख-भालकी
फिरउसकीदेख-भालकेदुखभोगनेपड़े
हरदुखकेबा'दयूँँलगायेदुखतोकुछनहीं
सोचोकिक्याकमालकेदुखभोगनेपड़े
  - Vivek Bijnori
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy