yaas ki andhi deewaron men ek dareecha Dhoondh liya | यास की अंधी दीवारों में एक दरीचा ढूँढ़ लिया

  - Vishwadeep Zeest
यासकीअंधीदीवारोंमेंएकदरीचाढूँढ़लिया
या'नीहमनेदिलकेअंदरख़्वाबकाकमराढूँडलिया
तुझकोखोदेनेकादुखभीज़ब्तकियाथाहमनेपर
टूटगएजबतेरेबदलेहमनेदूजाढूँढ़लिया
हमकोहीहैशौक़बहुतकिप्यासकीशिद्दतजानेंगे
वर्नाहमतोऐसेहैंजबचाहादरियाढूँढ़लिया
कलियाँभँवरेसागरमोतीबारिशतितलीइन्द्र-धनुष
तुमआएतोहमनेदिलकेअंदरक्याक्याढूँढ़लिया
इकमजनूँथासहरासहराख़्वारहुआऔरइकहमहैं
एकतमाशाख़त्महुआतोएकतमाशाढूँढ़लिया
दुनियाकीटकसालमेंआकरजानेहमकोक्यासूझी
सबकुछछोड़केचाहतकाइकखोटासिक्काढूँढ़लिया
  - Vishwadeep Zeest
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