kaii dinon se mohabbat ka kuchh vabaal nahin | कई दिनों से मोहब्बत का कुछ वबाल नहीं

  - Vishwadeep Zeest
कईदिनोंसेमोहब्बतकाकुछवबालनहीं
तूमुस्कुराकेपस-ओ-पेशमेंयूँँडालनहीं
कईसदीकेजुनूँसेउसेतराशाहै
हमाराइश्क़कोईदोटकेकामालनहीं
हमारेदिलकानगरकिसनेफूँकडालाहै
हमारीआँखलगीथीहमेंख़यालनहीं
इरादाहैकितुम्हेंशर्मसारदेखूँमैं
वगर्नादिलकीतबाहीकायूँँमलालनहीं
बड़ेसुकूँसेगुज़रहोरहीहैहमसबकी
सवालयेकिकिसीलबपेक्यूँसवालनहीं
मैंआदतनभीज़रासाउदासरहताहूँ
हरएकबातमोहब्बतकेसरपेडालनहीं
  - Vishwadeep Zeest
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