miraa wahm-o-gumaan rahne de | मेरा वहम-ओ-गुमान रहने दे

  - Vishal Khullar
मेरावहम-ओ-गुमानरहनेदे
सुनमुझेबे-ज़बानरहनेदे
दर्द-ए-दिलकामरानरहनेदे
मोहब्बतजवानरहनेदे
मुझमेंऊँचीउड़ानरहनेदे
मेरीहसरतजवानरहनेदे
मुर्दालोगोंकीबस्तियाँवीराँ
मेरेजज़्बोंमेंजानरहनेदे
जा-ब-जाजम्अ''सूरजोंकीभीड़
मानआसमानरहनेदे
एकचुपसीलगीहुईअच्छी
रहनेदेदास्तानरहनेदे
मैंभीख़ुदकोबचासकूँख़ुदसे
ऐसाहर्फ़-ए-बयानरहनेदे
कामबननेलगेंअगरयूँँही
सबकेसबरामबानरहनेदे
ग्रंथइकप्रेमकापढ़ामुझको
औरकिताबोंकाज्ञानरहनेदे
आगमेंजलरहाहूँबरसोंसे
अबमिराइम्तिहानरहनेदे
  - Vishal Khullar
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