इकसमुंदरकेहवालेसारेख़तकरतारहा
वोहमारेसाथअपनेग़मग़लतकरतारहा
क्याकिसीबदलावसेयेज़िंदगीबदलीकभी
क्यूँँनईवोरोज़अपनीशख़्सिय्यतकरतारहा
उसकीतन्हाईकाआलमदोस्तोमतपूछिए
घरकीहरदीवारसेवोमस्लहतकरतारहा
थीख़बरअबअपनेहक़मेंकुछनहींबाक़ीरहा
जानकरमैंकाग़ज़ोंपरदस्तख़तकरतारहा
हाँउसेशाएरज़मानाकहरहाहैइनदिनों
जोदिवानाअपनेग़मकीतर्बियतकरतारहा
आजसमझाठोकरोंकेब'अदभीहैज़िंदगी
क्यूँँअतामुझको'मुसाफ़िर'येसिफ़तकरतारहा