hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Vikram Sharma
ek khaamoshi ne sadaa paayi
ek khaamoshi ne sadaa paayi | एक ख़ामोशी ने सदा पाई
- Vikram Sharma
एक
ख़ामोशी
ने
सदा
पाई
ढाई
हर्फ़ों
में
फिर
वो
हकलाई
चार
दीवार
चंद
छिपकलियाँ
हिज्र
की
रात
के
तमाशाई
डूबने
का
उसे
मलाल
नहीं
जिसने
देखी
नदी
की
रा'नाई
आख़िरी
ट्रेन
थी
तिरी
जानिब
जो
ग़लत
प्लेटफॉर्म
पर
आई
बारिशों
ने
हमें
उदास
किया
सील
दीवार
में
उतर
आई
- Vikram Sharma
Download Ghazal Image
कहाँ
है
तू
कि
तिरे
इंतिज़ार
में
ऐ
दोस्त
तमाम
रात
सुलगते
हैं
दिल
के
वीराने
Nasir Kazmi
Send
Download Image
21 Likes
मैं
सो
रहा
हूँ
तेरे
ख़्वाब
देखने
के
लिए
ये
आरज़ू
है
कि
आँखों
में
रात
रह
जाए
Shakeel Azmi
Send
Download Image
61 Likes
गुज़रने
ही
न
दी
वो
रात
मैं
ने
घड़ी
पर
रख
दिया
था
हाथ
मैं
ने
Shahzad Ahmad
Send
Download Image
26 Likes
आज
की
रात
न
जाने
कितनी
लंबी
होगी
आज
का
सूरज
शाम
से
पहले
डूब
गया
है
Aanis Moin
Send
Download Image
37 Likes
क्या
बैठ
जाएँ
आन
के
नज़दीक
आप
के
बस
रात
काटनी
है
हमें
आग
ताप
के
कहिए
तो
आप
को
भी
पहन
कर
मैं
देख
लूँ
मा'शूक़
यूँँ
तो
हैं
ही
नहीं
मेरी
नाप
के
Read Full
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
44 Likes
नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
Send
Download Image
32 Likes
किताबें,
रिसाले
न
अख़बार
पढ़ना
मगर
दिल
को
हर
रात
इक
बार
पढ़ना
Bashir Badr
Send
Download Image
53 Likes
ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
Send
Download Image
43 Likes
उसे
यूँँ
चेहरा-चेहरा
ढूँढता
हूँ
वो
जैसे
रात-दिन
सड़कों
पे
होगा
Shariq Kaifi
Send
Download Image
36 Likes
दिन
ढल
गया
और
रात
गुज़रने
की
आस
में
सूरज
नदी
में
डूब
गया,
हम
गिलास
में
Rahat Indori
Send
Download Image
122 Likes
Read More
मैं
तुझ
सेे
बात
करने
को
तिरे
किरदार
में
आकर
इधर
से
फ़ोन
करता
हूँ
उधर
से
बात
करता
हूँ
मैं
तेरे
साथ
तो
घर
में
बड़ा
ख़ामोश
रहता
था
नहीं
मौजूद
तू
घर
में
तो
घर
से
बात
करता
हूँ
ख़िज़ाँ
का
कोई
मंज़र
मेरे
अंदर
रक़्स
करता
है
कभी
जो
बन
में
गुल
से
या
समर
से
बात
करता
हूँ
Read Full
Vikram Sharma
Download Image
1 Like
सोचता
हूँ
कि
दिल-ए-ज़ार
का
मतलब
क्या
है
एक
हँसते
हुए
बीमार
का
मतलब
क्या
है
आप
कहते
हैं
कि
दीवार
गिरा
दी
जाए
आप
की
नज़रों
में
दीवार
का
मतलब
क्या
है
Read Full
Vikram Sharma
Send
Download Image
29 Likes
मशवरा
है
ये
बेहतरी
के
लिए
हम
बिछड़
जाते
हैं
अभी
के
लिए
प्यास
ले
जाती
है
नदी
की
तरफ़
कोई
जाता
नहीं
नदी
के
लिए
आप
दीवार
कह
रहे
हैं
जिसे
रास्ता
है
वो
छिपकली
के
लिए
नील
से
पहले
चाँद
पर
मौजूद
एक
बुढ़िया
थी
मुख़बिरी
के
लिए
Read Full
Vikram Sharma
Download Image
1 Like
जो
भी
होना
था
हो
गया
छोड़ो
अब
मैं
चलता
हूँ
रास्ता
छोड़ो
अब
तो
दुनिया
भी
देख
ली
तुमने
अब
तो
ख़्वाबों
को
देखना
छोड़ो
Read Full
Vikram Sharma
Send
Download Image
39 Likes
दश्त
में
यार
को
पुकारा
जाए
क़ैस
साहब
का
रूप
धारा
जाए
मुझ
को
डर
है
कि
पिंजरा
खुलने
पर
ये
परिंदा
कहीं
न
मारा
जाए
दिल
उसे
याद
कर
सदा
मत
दे
कौन
आता
है
जब
पुकारा
जाए
दिल
की
तस्वीर
अब
मुकम्मल
हो
उन
की
जानिब
से
तीर
मारा
जाए
लाश
मौजों
को
हुक्म
देती
है
ले
चलो
जिस
तरफ़
किनारा
जाए
दिल
तो
है
ही
नहीं
हमारा
फिर
टूट
जाए
तो
क्या
हमारा
जाए
ये
तिरा
काम
है
नए
महबूब
डूबते
शख़्स
को
उभारा
जाए
Read Full
Vikram Sharma
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Crime Shayari
Rose Shayari
Raqs Shayari
Aitbaar Shayari
Khyaal Shayari