kisi sukhe hue shajar sa hooñ | किसी सूखे हुए शजर सा हूँ

  - Vijay Sharma
किसीसूखेहुएशजरसाहूँ
एकलम्हेमेंउम्रभरसाहूँ
तुमहँसोऔरमुस्कुराऊँमैं
शम्सतुमहोतोमैंक़मरसाहूँ
कोईमुझमेंनज़रनहींआता
एकवीरानरहगुज़रसाहूँ
वक़्तइकझीलसाहुआमुझमें
कोईठहराहुआसाअर्साहूँ
तुझ
मेंकितनीनमीचलीआई
जबसेतेरीज़मींपेबरसाहूँ
तुममिरीज़िंदगीकेमालिक'अर्श'
औरमैंज़िंदगीकोतरसाहूँ
  - Vijay Sharma
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