tamaam ret pe bikhra hai tan udaasi ka | तमाम रेत पे बिखरा है तन उदासी का

  - Vijay Sharma
तमामरेतपेबिखराहैतनउदासीका
वोलहरहैयाकोईपैरहनउदासीका
हैइकदरीचाजहाँसेवोदेखतीहैअतीत
सोलगगयामेरेकमरेमेंमनउदासीका
मैंउसकीछाँवमेंबैठूँतोजिस्मजलताहै
मेरेशजरपेलगाहैगहनउदासीका
हमारेइश्क़कोक़ुदरतनेजानबख़्शीहै
तुमइकसुकूतहोऔरमैंहूँबनउदासीका
तुम्हारेहिज्रमेंइकमौतऔरउसकेबा'द
हमारीरूहनेपकड़ाबदनउदासीका
  - Vijay Sharma
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy