hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Vedic Dwivedi
samandar aankh men jiske ho simtaa
samandar aankh men jiske ho simtaa | समुंदर आँख में जिसके हो सिमटा
- Vedic Dwivedi
समुंदर
आँख
में
जिसके
हो
सिमटा
उसे
बारिश
ग़मों
की
क्या
भिगोएगी
- Vedic Dwivedi
Download Sher Image
नए
दौर
के
नए
ख़्वाब
हैं
नए
मौसमों
के
गुलाब
हैं
ये
मोहब्बतों
के
चराग़
हैं
इन्हें
नफ़रतों
की
हवा
न
दे
Bashir Badr
Send
Download Image
52 Likes
ईद
पर
सब
फूल
लेकर
आ
रहे
हैं
हो
गए
हैं
ज़िंदगी
के
ख़त्म
रमज़ान
Aves Sayyad
Send
Download Image
3 Likes
"उसके
हाथ
में
फूल
है"
मत
कहिए,
कहिए
उसका
हाथ
है
फूल
को
फूल
बनाने
में
Charagh Sharma
Send
Download Image
72 Likes
मैं
जिसे
ओढ़ता
बिछाता
हूँ
वो
ग़ज़ल
आप
को
सुनाता
हूँ
एक
जंगल
है
तेरी
आँखों
में
मैं
जहाँ
राह
भूल
जाता
हूँ
Read Full
Dushyant Kumar
Send
Download Image
40 Likes
एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
Send
Download Image
50 Likes
तुझे
भूल
जाने
की
कोशिशें
कभी
कामयाब
न
हो
सकीं
तिरी
याद
शाख़-ए-गुलाब
है
जो
हवा
चली
तो
लचक
गई
Bashir Badr
Send
Download Image
30 Likes
दूर
इक
सितारा
है
और
वो
हमारा
है
आँख
तक
नहीं
लगती
कोई
इतना
प्यारा
है
छू
के
देखना
उसको
क्या
अजब
नज़ारा
है
तीर
आते
रहते
थे
फूल
किसने
मारा
है
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
43 Likes
काँटों
में
घिरे
फूल
को
चूम
आएगी
लेकिन
तितली
के
परों
को
कभी
छिलते
नहीं
देखा
Parveen Shakir
Send
Download Image
38 Likes
अपनी
क़िस्मत
में
सभी
कुछ
था
मगर
फूल
ना
थे
तुम
अगर
फूल
ना
होते
तो
हमारे
होते
Ashfaq Nasir
Send
Download Image
44 Likes
फूल
के
होंठों
से
ख़ुश्बू
के
मआनी
सुनकर
अपना
शे'र
अच्छा
लगा
तेरी
ज़ुबानी
सुनकर
Rajesh Reddy
Send
Download Image
31 Likes
Read More
रूठ
जाओ
तुम
मनाना
चाहता
हूँ
राज़
इक
दिल
का
बताना
चाहता
हूँ
दर-ब-दर
फिरता
रहा
ता'उम्र
मैं
अब
तेरी
दुनिया
में
ठिकाना
चाहता
हूँ
जानकर
छाता
मैं
घर
पर
भूल
आया
संग
बारिश
में
भीग
जाना
चाहता
हूँ
रात
को
खाने
में
कुछ
तीख़ा
बनाना
मय
भी
अब
पीना
पिलाना
चाहता
हूँ
इन
नए
लोगों
में
दम
घुटता
है
मेरा
यार
अपना
मैं
पुराना
चाहता
हूँ
Read Full
Vedic Dwivedi
Download Image
2 Likes
सुब्ह
कहती
है
न
बैठो
हार
कर
तुम
था
बुरा
दिन
आज
कल
अच्छा
मिलेगा
Vedic Dwivedi
Send
Download Image
5 Likes
चलते
रहना
निरास
हो
कर
भी
मुस्कुराना
उदास
हो
कर
भी
लिख
दिया
आँख
को
नदी
उसके
मर
गए
प्यासे
पास
हो
कर
भी
सुनता
है
कौन
सच
यहाँ
अब
तो
बोलना
झूठ
ख़ास
हो
कर
भी
मेरे
जैसा
मिला
नहीं
कोई
गिनती
पूरे
पचास
हो
कर
भी
Read Full
Vedic Dwivedi
Download Image
1 Like
हम
ग़लत
को
अगर
सही
कहते
तुमने
जो
कह
दिया
वही
कहते
साथ
थी
ग़म
में
वो
ख़ुशी
में
भी
है
ये
बेहतर
उसे
घड़ी
कहते
जल
गया
दूध
जो
कड़ाही
में
गांव
में
इसको
खुर्चुनी
कहते
नाम
पर
दंगे
मेरे
ना
होते
आप
भी
मुझको
आदमी
कहते
लौटकर
सालों
बाद
घर
आया
मां
न
हों
लोग
अजनबी
कहते
Read Full
Vedic Dwivedi
Download Image
2 Likes
चिट्ठियाँ
आज
होती
सम्मानित
फोन
बदनाम
अब
मुहब्बत
में
Vedic Dwivedi
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khat Shayari
Bahana Shayari
Haar Shayari
Beqarari Shayari
Mulaqat Shayari