rooth jaao tum manana chahta hoon | रूठ जाओ तुम मनाना चाहता हूँ

  - Vedic Dwivedi
रूठजाओतुममनानाचाहताहूँ
राज़इकदिलकाबतानाचाहताहूँ
दर-ब-दरफिरतारहाता'उम्रमैंअब
तेरीदुनियामेंठिकानाचाहताहूँ
जानकरछातामैंघरपरभूलआया
संगबारिशमेंभीगजानाचाहताहूँ
रातकोखानेमेंकुछतीख़ाबनाना
मयभीअबपीनापिलानाचाहताहूँ
इननएलोगोंमेंदमघुटताहैमेरा
यारअपनामैंपुरानाचाहताहूँ
  - Vedic Dwivedi
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