यूँँभीकटनेलगाहूँअबमैंग़ैर-मुनासिबयारोंसे
बारिशवफ़ानहींकरसकतीमिट्टीकीदीवारोंसे
दुखेहुएलोगोंकीदुखतीरगकोछूनाठीकनहीं
वक़्तनहींपूछाकरतेहैंयारोंवक़्तकेमारोंसे
आशिक़हैंतो'आशिक़वालेजलवेभीदिखलाएँआप
कपड़ेफाड़ेंख़ाक़उड़ाएँसरमारेंदीवारोंसे
औरचमनगरअपनाहैतोइसकासबकुछअपनाहै
बेशकफूलपेफूललुटाएँख़ारनखाएँख़ारोंसे