jaage se kitne ghar dekhe raat ki KHaamushi men | जागे से कितने घर देखे रात की ख़ामुशी में

  - Vandana Bhardwaj Tiwari Vani
जागेसेकितनेघरदेखेरातकीख़ामुशीमें
दीवारपेसाएहीतोथेरातकीख़ामुशीमें
गुल-बूटेऔरबाग़जबसोजातेहैंख़्वाबोंकोओढ़े
तबरातरानीहीख़ुशबूदेरातकीख़ामुशीमें
दिनभरख़ुदअपनीलगाईआतिशमेंदिलजलरहाथा
अबशम्असाबुझरहाहैयेरातकीख़ामुशीमें
तन्हाईमेंचुभतेहैंजबयादोंकेनश्तरसेअक्सर
गोशेमेंहमरोतेहैंखुलकेरातकीख़ामुशीमें
गरनींदहैतोफिरइनजलतीआँखोंमेंतूउतर
गरमौतहैतोलेचलयाँसेरातकीख़ामुशीमें
काटीनहींजातीअबमुझसेहिज्रकीलंबीरातें
कोईमिरेदिलकोबहलादेरातकीख़ामुशीमें
होझीलमेंचाँदउतरायाख़्वाबमेंखोई'वानी'
सबअपनेहीअश्कसेभीगेरातकीख़ामुशीमें
  - Vandana Bhardwaj Tiwari Vani
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