yaadon ki raakh men har lamha dhuaan dhuaan hai | यादों की राख में हर लम्हा धुआँ धुआँ है

  - Vandana Bhardwaj Tiwari Vani
यादोंकीराखमेंहरलम्हाधुआँधुआँहै
होंटोंपेबिखराहरइकनग़्माधुआँधुआँहै
माज़ीकीआगमेंजलकेउम्रगुज़रीसारी
अबबुझगईहूँतोयेचेहराधुआँधुआँहै
इंसानियतकीलौबुझतीहैगलीगलीमें
औरशहरभरमेंहरइकरस्ताधुआँधुआँहै
तन्हाईकीहवासेइकशम्अ'हारीकलशब
कमरेकामेरेकोनाकोनाधुआँधुआँहै
तूरूठकरमेरेदिलकोजलामिरेयार
लगजागलेकिदिलकाशो'लाधुआँधुआँहै
दुनियाकीधूपमेंजानेकबसेहीझुलसकर
मेरेवजूदकाहरज़र्राधुआँधुआँहै
इकठहरीठहरीसीख़्वाहिशकीतपिशसे'वानी'
नमआँखोंकायेगीलासहराधुआँधुआँहै
  - Vandana Bhardwaj Tiwari Vani
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