ye ishq ki hai raah na yuñ dagmaga ke chal | ये इश्क़ की है राह न यूँँ डगमगा के चल

  - Urooj Qadri
येइश्क़कीहैराहयूँँडगमगाकेचल
हिम्मतकोअपनीतोलक़दमकोजमाकेचल
राह-ए-वफ़ाहैइसमेंयूँँमुँहबनाकेचल
काँटोंकोरौंदरौंदकेतूमुस्कुराकेचल
शम-ए-यक़ींकीलौकोज़राऔरतेज़कर
ज़ुल्मतमेंरहरवोंकोभीरस्तादिखाकेचल
गर्दिशफ़लककीतेज़हैरफ़्तारतेरीसुस्त
मंज़िलहैदूरअपनेक़दमअबबढ़ाकेचल
दुश्मनजोदोस्तकेहैंवोनाराज़हैंतोहों
सीनेपेज़ख़्मउनकीजफ़ाओंकाखाकेचल
तीरोंकीबाढ़आनेदेअपनेक़दमरोक
उनकीख़ुशीयहीहैतूख़ूँमेंनहाकेचल
बहताहैख़ूँतोबहनेदेबहनेकीचीज़है
क़तरोंसेख़ून-सुर्ख़केगुलशनखिलाकेचल
हिम्मतकेजामसब्रकेमीनासेनोशकर
नक़्श-ए-क़दमसेअपनेतूरस्ताबनाकेचल
जलतारहेबसउसकीतमन्नाकाइकदिया
उसकेसिवाहैंजितनेदिएसबबुझाकेचल
मीर-ए-कारवाँतिरीख़िदमतमेंअर्ज़है
जोगिररहेहैंराहमेंउनकोउठाकेचल
रस्ताकठिनहैतूहैबहुतना-तवाँ'उरूज'
सुल्तान-काएनातकोहामीबनाकेचल
  - Urooj Qadri
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