bharii bazm men gul-fishaan aur bhi hain | भरी बज़्म में गुल-फ़िशाँ और भी हैं

  - Urooj Qadri
भरीबज़्ममेंगुल-फ़िशाँऔरभीहैं
हमारेसिवानुक्ता-दाँऔरभीहैं
येदुनियातोमिटजानेवालीहैलेकिन
ज़मींऔरभीआसमाँऔरभीहैं
येदुनियातोइकज़र्रा-ए-मुख़्तसरहै
मकींऔरभीहैंमकाँऔरभीहैं
तन्हामिराकारवाँराहमेंहै
रह-ए-इश्क़मेंकारवाँऔरभीहैं
होमुतमइनएकपत्थरहटाकर
किरस्तेमेंसंग-ए-गिराँऔरभीहैं
अगरजीलगेआपकातोसुनाऊँ
फ़सानेकईबर-ज़बाँऔरभीहैं
कहोबिजलियोंसेकिबरसेंमुसलसल
अभीबाग़मेंआशियाँऔरभीहैं
'उरूज'अपनेगोशेसेबाहरतोनिकलो
किबाहरहज़ारोंजहाँऔरभीहैं
  - Urooj Qadri
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