कहतेहैंअज़लजिसकोउससेभीकहींपहले
ईमानमोहब्बतपरलाएथेहमींपहले
असरार-ए-ख़ुद-आगाहीदीवानेसमझतेहैं
तकमील-ए-जुनूँआख़िरमेराज-ए-यक़ींपहले
चमकादियासज्दोंनेनक़्श-ए-कफ़-ए-पालेकिन
रौशनतोनथीइतनीयेमेरीजबींपहले
हरबारयेरहरहकरहोताहैगुमाँमुझको
शायदतिरेजल्वोंकोदेखाथाकहींपहले
येबातअलगठहरीअबहमकोनपहचानें
महफ़िलमेंमगरउनकीआएथेहमींपहले
येराज़-ए-मोहब्बतहैसमझेगाज़मानाक्या
तुमहासिल-ए-दींआख़िरग़ारत-गर-ए-दींपहले
इसकार-ए-नुमायाँकेशाहिदहैंचमनवाले
गुलशनमेंबहारोंकोलाएथेहमींपहले
तक़दीरकीमुख़्तारी'उनवान'मुसल्लमहै
होतीहैमोहब्बतभीमजबूरयहींपहले