roothna chaaho to ab hargiz manaane ka nahin | रूठना चाहो तो अब हरगिज़ मनाने का नहीं

  - Ummeed KHwaja
रूठनाचाहोतोअबहरगिज़मनानेकानहीं
दिलकोमाइलकरलियाआँसूबहानेकानहीं
रास्तेधुँदलागएहैंरौशनीवालोसुनो
वा'दाजलनेकाकियाथाटिमटिमानेकानहीं
कश्तियाँमंजधारमेंहैंनाख़ुदानाराज़हैं
आसमानोंसेकहोबिजलीगिरानेकानहीं
कबढलेगीशाम-ए-ग़मकबख़त्महोगाज़ुल्म-ओ-जब्र
ज़िंदगीइंसाँकीहैउनवाँफ़सानेकानहीं
लोचलेजातेहैंख़ालीहाथदुनियासे'उमीद'
यादकरलेनाअज़ीज़ोभूलजानेकानहीं
  - Ummeed KHwaja
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