tham zaraa waqt-e-ajal deedaar-e-jaan hone laga | थम ज़रा वक़्त-ए-अजल दीदार-ए-जाँ होने लगा

  - Ummeed KHwaja
थमज़रावक़्त-ए-अजलदीदार-ए-जाँहोनेलगा
आख़िरीहिचकीपेकोईमेहरबाँहोनेलगा
किससितमगरनेउड़ालीयाद-ए-माज़ीकीबयाज़
हरगलीहरमोड़परक़िस्साबयाँहोनेलगा
जानेकिसगुलनेचमनकीहुर्मतेंपामालकीं
मौसम-ए-फ़स्ल-ए-बहाराँभीख़िज़ाँहोनेलगा
दफ़्नकरकेक़ब्रमेंजबजाचुकेअहबाबदोस्त
जोकभीसोचाथावोइम्तिहाँहोनेलगा
दस्त-ओ-पाशलहोगएहैंक़ुव्वतेंज़ाइलहुईं
ज़िंदगानीकासफ़रआगेरवाँहोनेलगा
ख़्वाहिशोंकीचाहमेंख़ुसरानकेसौदेकिए
मंफ़अतसमझाजिसेआख़िरज़ियाँहोनेलगा
कोईवा'दाआजतकईफ़ानहींतुमनेकिया
बातसच्चीथीमगरवोबद-गुमाँहोनेलगा
पाँवकीआहटनेमुझकोगोरमेंचौंकादिया
हिचकियोंकासाज़दिलकातर्जुमाँहोनेलगा
कैसीख़ुश-फ़हमीतुम्हेंकिसबातकाग़र्रा'उमीद'
गएहैंअक़रबावक़्त-ए-अज़ाँहोनेलगा
  - Ummeed KHwaja
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