nazar na aa.e to kya vo mire qayaas men hai | नज़र न आए तो क्या वो मिरे क़यास में है

  - Ummeed Fazli
नज़रआएतोक्यावोमिरेक़यासमेंहै
वोएकझूटजोसच्चाईकेलिबासमेंहै
अमलसेमेरेख़यालोंकामुँहचिढ़ाताहै
वोएकशख़्सकिपिन्हाँमिरेलिबासमेंहै
अभीजराहत-ए-सरहीइलाजठहराहै
किनब्ज़-ए-संगकिसीदस्त-ए-बे-क़यासमेंहै
शजरसेसायाजुदाहैतोधूपसूरजसे
सफ़रहयातकाकिसदश्त-ए-बे-क़यासमेंहै
ज़राजोतल्ख़होलहजातोकोईबातबने
ग़रीब-ए-शहरमगरक़ैद-ए-इल्तिमासमेंहै
तुझेख़बरभीहैख़ुदतेरीकम-निगाहीका
इकए'तिराफ़तिरेहर्फ़-ए-ना-सिपासमेंहै
  - Ummeed Fazli
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