jaane ye kaisa zahar dilon men utar gaya | जाने ये कैसा ज़हर दिलों में उतर गया

  - Ummeed Fazli
जानेयेकैसाज़हरदिलोंमेंउतरगया
परछाईंज़िंदारहगईइंसानमरगया
बर्बादियाँतोमेरामुक़द्दरहीथींमगर
चेहरोंसेदोस्तोंकेमुलम्माउतरगया
दोपहरकीधूपबताक्याजवाबदूँ
दीवारपूछतीहैकिसायाकिधरगया
इसशहरमेंफ़राश-तलबहैहरएकराह
वोख़ुश-नसीबथाजोसलीक़ेसेमरगया
क्याक्याउसकोज़ोम-ए-मसीहाईथा'उमीद'
हमनेदिखाएज़ख़्मतोचेहराउतरगया
  - Ummeed Fazli
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