hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Umesh Maurya
vaqt itnaa badal gaya kaise
vaqt itnaa badal gaya kaise | वक़्त इतना बदल गया कैसे
- Umesh Maurya
वक़्त
इतना
बदल
गया
कैसे
हाथ
पानी
से
जल
गया
कैसे
- Umesh Maurya
Download Sher Image
साल
के
आख़िरी
दिन
उसने
दिया
वक़्त
हमें
अब
तो
ये
साल
कई
साल
नहीं
गुज़रेगा
Shariq Kaifi
Send
Download Image
71 Likes
माँ
की
आग़ोश
में
कल
मौत
की
आग़ोश
में
आज
हम
को
दुनिया
में
ये
दो
वक़्त
सुहाने
से
मिले
Kaif Bhopali
Send
Download Image
27 Likes
मुसाफ़िरों
के
दिमाग़ों
में
डर
ज़ियादा
है
न
जाने
वक़्त
है
कम
या
सफ़र
ज़ियादा
है
Hashim Raza Jalalpuri
Send
Download Image
46 Likes
माँ
से
तेरे
बारे
में
और
तुझ
सेे
माँ
के
बारे
में
बातें
करके
कितना
अच्छा
वक़्त
गुज़ारा
है
मैंने
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
41 Likes
ऐ
दिल
की
ख़लिश
चल
यूँँही
सही
चलता
तो
हूँ
उन
की
महफ़िल
में
उस
वक़्त
मुझे
चौंका
देना
जब
रंग
पे
महफ़िल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
Send
Download Image
21 Likes
बहन
ने
बाँध
कर
राखी
बचा
ली
ज़िंदगी
वर्ना
ज़रा
सा
वक़्त
बाक़ी
था
हमारी
नब्ज़
थमने
में
Harsh saxena
Send
Download Image
13 Likes
जो
ज़रा
ठीक
से
किरदार
निगारी
हो
जाए
ये
कहानी
तो
हक़ीक़त
पे
भी
तारी
हो
जाए
तेरे
हामी
है
सो
उठ
कर
भी
नहीं
जा
सकते
जाने
किस
वक़्त
यहाँ
राय-शुमारी
हो
जाए
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
25 Likes
आज
भी
'प्रेम'
के
और
'कृष्ण'
के
अफ़्साने
हैं
आज
भी
वक़्त
की
जम्हूरी
ज़बाँ
है
उर्दू
Ata Abidi
Send
Download Image
20 Likes
मैं
भूल
चुका
हूँ
कि
ये
वनवास
है
वन
है
इस
वक़्त
मेरे
सामने
सोने
का
हिरन
है
मैं
ध्यान
से
कुछ
सुन
ही
नहीं
पाऊँगा
सरकार
मैं
क्या
ही
बताऊँ
कि
मेरा
ध्यान
मगन
है
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
42 Likes
मेरे
जिस्म
से
वक़्त
ने
कपड़े
नोच
लिए
मंज़र
मंज़र
ख़ुद
मेरी
पोशाक
हुआ
Azm Shakri
Send
Download Image
23 Likes
Read More
बंद
करके
आँख
बिस्तर
पर
पड़े
रहते
हैं
हम
क्या
पता
ये
नींद
किसके
साथ
जाकर
सो
गई
Umesh Maurya
Send
Download Image
2 Likes
हम
इस
तरह
से
भीड़
में
तन्हा
खड़े
हुए
सहरा
में
जैसे
टूट
के
बिखरा
हुआ
मकाँ
Umesh Maurya
Send
Download Image
0 Likes
जान
लो
की
मत
किसी
की
जान
लो
तुम
जान
लो
की
हर
किसी
में
जान
भी
है
Umesh Maurya
Send
Download Image
0 Likes
बदन
चाहते
तो
हज़ारों
ही
मिलते
मुझे
तो
तुम्हारा
जिगर
चाहिए
था
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
कई
मुद्दे
हैं
हिन्दू
और
मुस्लिम
के
अलावा
भी
मगर
इनसे
मिले
फ़ुर्सत
तो
आगे
बात
की
जाए
Umesh Maurya
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Political Shayari
Dosti Shayari
Beqarari Shayari
Muskurahat Shayari
Sooraj Shayari