खिड़कीपरपर्देलगवाकररखनाथा
कमरेमेंकुछफूलसजाकररखनाथा
इकदूजेसेघंटोंबातेंकरनीथी
इकदूजेकादिलबहलाकररखनाथा
हमनेजिस्मकीसरहदपारनकरनीथी
हमनेशर्मलिहाज़बचाकररखनाथा
उसकेपेटमेंकोईबातनपचतीथी
मैनेअपनाराज़छिपाकररखनाथा
तुमनेक्यामैंइतनापागललगताहूँ
लगताहूँतोफिरसमझाकररखनाथा
क्यामालूमकितुमभीइकदिनबदलोगे
लगताहैहरबातलिखाकररखनाथा
मैंलोगोंकीसोचसेइतनावाक़िफ़हूँ
तुमनेअपनीशानबनाकररखनाथा
शकथातुमकोसचमेंचोरीहोनेका
फिरतुमनेहरचीज़दिखाकररखनाथा
इससेेपहलेबच्चेउल्टीराहचलें
हमनेथोड़ाआँखदिखाकररखनाथा