आइनेकेरू-ब-रूइकआइनारखताहूँमैं
रात-दिनहैरतमेंख़ुदकोमुब्तलारखताहूँमैं
दोस्तोंवालीभीइकख़ूबीहैउनमेंइसलिए
दुश्मनोंसेभीमुसलसलराब्तारखताहूँमैं
रोज़-ओ-शबमैंघूमताहूँवक़्तकीपुर-कारपर
अपनेचारोंसम्तकोईदायरारखताहूँमैं
खटखटानेकीभीज़हमतकोईआख़िरक्यूँँकरे
इसलिएभीघरकादरवाज़ाखुलारखताहूँमैं
आज-कलख़ुदसेभीहैरंजिशकाकोईसिलसिला
आज-कलख़ुदसेभीथोड़ाफ़ासलारखताहूँमैं
चंदयादेंएकचेहराएकख़्वाहिशएकख़्वाब
अपनेदिलमेंऔरक्याउनकेसिवारखताहूँमैं
चंदतस्वीरेंकिताबेंख़ुशबुएँऔरएकफूल
अपनीअलमारीमें'ताबिश'औरक्यारखताहूँमैं