zindagi hai shayari | ज़िन्दगी है शा'इरी

  - Salma Malik
ज़िन्दगीहैशा'इरी
शा'इरीहैज़िन्दगी
दूसरोंकोदर्दहो
वोख़ुशीभीक्याख़ुशी
दिललगानाछोड़दो
मारतीहैदिल-लगी
होख़ुदाचाहेजहाँ
हमकरेंगेबन्दगी
क्यूँदिखावाहुस्नका
क्यूँभलाबे-पर्दगी
होक़लमबसहाथमें
फिरनहींकुछख़स्तगी
शा'इरी'सलमा'फ़क़त
कुछनहींबसतिश्नगी
  - Salma Malik
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