o KHudaaya mire kyuuñ mirii aankh nam hai | ओ ख़ुदाया मिरे क्यूँ मिरी आँख नम है

  - Salma Malik
ख़ुदायामिरेक्यूँमिरीआँखनमहै
हैसभीकुछमगरक्यामिरेपासकमहै
कातिबोंकीहैपहलीमोहब्बतकिताबें
पासजोदूसरीवोमोहब्बतक़लमहै
ज़िक्रजिसकानहींहैमिरीइसग़ज़लमें
ज़िन्दगीवोमिरीयामिरावोभरमहै
ख़ाकसेहीउठेख़ाकमेंहीमिलेंगे
ज़िन्दगीयेहमारीबड़ीहीअलमहै
रास्ताइकनयायेदिखाएगी'सलमा'
येमोहब्बतहीतोउसख़ुदाकाकरमहै
  - Salma Malik
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