ye raat kar do kaid koi raushni karo | ये रात कर दो क़ैद कोई, रौशनी करो

  - Haider Khan
येरातकरदोक़ैदकोई,रौशनीकरो
इसकाहैइकइलाजयही,रौशनकरो
हाकिमनेतीरगीकीशिकायतपेयेकहा
अपनेमकाँजलाकेसभीरौशनीकरो
ग़फ़लतमेंकाटकरकेगयाथाजोज़िन्दगी
उसक़ब्रसेसदायेउठी,रौशनीकरो
रौशनचराग़-ए-इल्मकोरखनाहैगरतोफिर
बुझतेदियोंसेएकनईरौशनीकरो
सूरजसातेजहोगाजलेंगेजोसाथमें
इकइकचराग़सेहीसही,रौशनीकरो
कहतेहैंलोगनूरहैचेहरेपेआपके
दिलमेंभीअपनेजाकेकभीरौशनीकरो
तन्हाकियाहैमुझकोअँधेरोंनेआजफिर
परछाईंसाथलाओमिरी,रौशनीकरो
  - Haider Khan
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