ik kahaanii ke kisi kirdaar men uljha hooñ main | इक कहानी के किसी किरदार में उलझा हूँ मैं

  - Haider Khan
इककहानीकेकिसीकिरदारमेंउलझाहूँमैं
ख़ुदमुझेहीयेनहींमालूमकेक्याक्याहूँमैं
वोमुझेकहकरगयाथाफिरमिलेंगेहमयहीं
उसकीख़ातिरइसशहरमेंआजभीठहराहूँमैं
भेजतारहताहूँकुछगुमनामख़तउनकेलिए
इसतरहबेचैनउनकोरातभररखताहूँमैं
मैंबहसकरतारहाऔरवोमुझेतकतेरहे
ज़िंदगीमेंइसतरहभीकुछबहसहाराहूँमैं
येमोहब्बतहैयाउनकोहैमुझेखोनेकाडर
वोमुझेकहतेहैंउनकोहरजगहदिखताहूँमैं
वक़्तजबअपनानहींतोफिरकोईअपनानहीं
ज़िंदगीकीइसपढ़ाईमेंयहीसमझाहूँमैं
हूँकिसीकोख़ासतोमैंहूँकिसीकोआमसा
देखनेवालेकीजैसीहैनज़रवैसाहूँमैं
ज़िंदगीमेंयूँँफ़सानेतोबुनोगेऔरभी
हाँमगरजोनाभुलापाओगेवोक़िस्साहूँमैं
गरकिसीसेफेरकरनज़रेंमैंआगेबढ़गया
लाख़वोआवाज़देमुझकोनहींमुड़ताहूँमैं
  - Haider Khan
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