vo hijr kaat kar chala hai ishq men ye aam hai | वो हिज्र काट कर चला है इश्क़ में ये आम है

  - Haider Khan
वोहिज्रकाटकरचलाहैइश्क़मेंयेआमहै
यहीहैइश्क़कासितमयेइश्क़कानिज़ामहै
तुम्हेंयेइल्महीनहींतुम्हारेबादक्याहुआ
ख़फ़ाख़फ़ासीहैसुब्हख़फ़ाख़फ़ासीशामहै
येउम्रबीतजाएअबतेरीगलीकेमोड़पर
यहीहैख़्वाबअबमेरायहीमेरामक़ामहै
येग़मभुलाभीनासकूँतुझेबुलाभीनासकूँ
येमय-कदेकाक्याकरूँयेमयभीतोहरामहै
मैंथकचुकाहूँज़िंदगीसेइसकदरमेरेख़ुदा
किलगरहाहैअबमेरायेआख़िरीक़यामहै
  - Haider Khan
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