hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
ABhishek Parashar
vo kyun chat par ishaare se bulaati thii
vo kyun chat par ishaare se bulaati thii | वो क्यूँँ छत पर इशारे से बुलाती थी
- ABhishek Parashar
वो
क्यूँँ
छत
पर
इशारे
से
बुलाती
थी
वो
क्यूँँ
इतना
हमारे
घर
पे
आती
थी
उसे
हम
से
नहीं
था
इश्क़
तो
पूछो
हमें
वो
देख
कर
क्यूँँ
मुस्कुराती
थी
हमें
लगने
लगा
था
इश्क़
है
उसको
हमें
क्या
थी
ख़बर
पागल
बनाती
थी
सभी
कायल
थे
उसकी
इस
अदा
के
दोस्त
वो
लड़की
तीर
नज़रों
से
चलाती
थी
- ABhishek Parashar
Download Ghazal Image
जिस
तरफ़
तू
है
उधर
होंगी
सभी
की
नज़रें
ईद
के
चाँद
का
दीदार
बहाना
ही
सही
Amjad Islam Amjad
Send
Download Image
34 Likes
ये
दाग़
दाग़
उजाला
ये
शब-गज़ीदा
सहर
वो
इंतिज़ार
था
जिस
का
ये
वो
सहर
तो
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
18 Likes
कुछ
एक
की
हम
जैसी
क़िस्मत
होती
है
बाकी
सब
की
अच्छी
क़िस्मत
होती
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
33 Likes
कल
रात
बहुत
ग़ौर
किया
है
सो
हम
उसकी
तय
करके
उठे
हैं
कि
तमन्ना
ना
करेंगे
इस
बार
वो
तल्ख़ी
है
की
रूठे
भी
नहीं
हम
अबके
वो
लड़ाई
है
के
झगड़ा
ना
करेंगे
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
39 Likes
रहबर
भी
ये
हमदम
भी
ये
ग़म-ख़्वार
हमारे
उस्ताद
ये
क़ौमों
के
हैं
में'मार
हमारे
Unknown
Send
Download Image
26 Likes
इतनी
शोहरत
तो
मेरी
आज
भी
इस
शहर
में
है
एक
पत्ता
न
हिले
मेरी
इजाज़त
के
बग़ैर
Mukesh Jha
Send
Download Image
38 Likes
कब
लौटा
है
बहता
पानी
बिछड़ा
साजन
रूठा
दोस्त
हम
ने
उस
को
अपना
जाना
जब
तक
हाथ
में
दामाँ
था
Ibn E Insha
Send
Download Image
33 Likes
कमरे
में
सिगरेटों
का
धुआँ
और
तेरी
महक
जैसे
शदीद
धुँध
में
बाग़ों
की
सैर
हो
Umair Najmi
Send
Download Image
74 Likes
हमारे
दरमियाँ
जो
प्यार
से
पहले
की
यारी
थी
बिछड़
कर
अब
ये
लगता
है
वो
यारी
ज़्यादा
प्यारी
थी
बिछड़ना
उसकी
मर्ज़ी
थी,
उसे
उतरन
न
कहना
तुम
वो
अब
उतनी
ही
उसकी
है
वो
तब
जितनी
तुम्हारी
थी
Read Full
Alankrat Srivastava
Send
Download Image
10 Likes
ये
ऐसा
क़र्ज़
है
जो
मैं
अदा
कर
ही
नहीं
सकता
मैं
जब
तक
घर
न
लौटूँ
मेरी
माँ
सज्दे
में
रहती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
39 Likes
Read More
कोई
अच्छा
कोई
मुझको
बुरा
समझे
मगर
दुख
है
मुझे
वो
बे-वफ़ा
समझे
ABhishek Parashar
Send
Download Image
7 Likes
कैसी
दुनिया
बनाई
है
ये
ख़ुदा
आदमी
आदमी
को
खाता
है
ABhishek Parashar
Send
Download Image
0 Likes
उसे
मेरी
मोहब्बत
का
पता
चलता
अगर
वो
शख़्स
थोड़ी
भी
वफ़ा
करता
ABhishek Parashar
Send
Download Image
5 Likes
क़सम
वो
झूठी
खाएगी
हमारी
किसी
दिन
जान
जाएगी
हमारी
हमें
ख़ुद
छोड़
देगी
और
फिर
वो
कमीं
सब
को
बताएगी
हमारी
उसे
भी
दूरी
का
एहसास
होगा
उसे
भी
याद
आएगी
हमारी
ज़रा
मशहूर
तो
होने
दो
सब
को
वो
तस्वीरें
दिखाएगी
हमारी
Read Full
ABhishek Parashar
Download Image
7 Likes
मुझे
दे
कर
गया
है
बद-दुआ
कोई
मुझे
दिखता
नहीं
है
रास्ता
कोई
वही
खोया
मुझे
चाहत
थी
जिसकी
सो
ख़ुदास
अब
नहीं
है
वास्ता
कोई
मैं
तन्हा
रात
में
ये
सोचता
हूँ
दोस्त
मुझे
क्यूँ
देता
होगा
बद-दुआ
कोई
कोई
करता
मुझे
भी
याद
बरसों
तक
मियाँ
मेरा
भी
रस्ता
देखता
कोई
अगर
था
इश्क़
तेरा
आख़िरी
मैं
ही
तो
मेरे
बाद
कैसे
आ
गया
कोई
न
जाने
कौन
रहता
है
मेरे
दिल
में
न
जाने
क्यूँ
नहीं
आने
दिया
कोई
भला
कैसे
बचा
जाए
मोहब्बत
से
जहाँ-दीदा
दिखाएँ
रास्ता
कोई
Read Full
ABhishek Parashar
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Wedding Shayari
Husn Shayari
Visaal Shayari
Raat Shayari
Musafir Shayari