hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
RAAHI
dard dil tu bhi na zyaada be-wafa ko yaad kar
dard dil tu bhi na zyaada be-wafa ko yaad kar | दर्द दिल तू भी न ज़्यादा बे-वफा़ को याद कर
- RAAHI
दर्द
दिल
तू
भी
न
ज़्यादा
बे-वफा़
को
याद
कर
है
पुरानी
दिल-लगी
बस
इस
ख़ता
को
याद
कर
टूटते
ख़्वाबों
तलक
बस
याद
तुम
को
जो
किया
ये
जहाँ
के
फै़सले
पर
हम-नवा
को
याद
कर
कल
जिसे
ये
दिल
अदब
से
जान
जानाँ
बोलता
उस
अदब
की
इक
कहानी
बे-अदा
को
याद
कर
जान
मेरी
जो
कभी
थी,
आज
बिस्तर
पर
कहीं
छोड़
राही
तू
नहीं
अब
दिलरुबा
को
याद
कर
- RAAHI
Download Ghazal Image
इश्क़
माशूक़
इश्क़
'आशिक़
है
यानी
अपना
ही
मुब्तला
है
इश्क़
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
37 Likes
न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
Read Full
Amaan Haider
Send
Download Image
1 Like
ये
तेरे
ख़त
ये
तेरी
ख़ुशबू
ये
तेरे
ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ
हैं
तेरे
कौल
और
क़सम
की
तरह
गुज़िश्ता
साल
मैंने
इन्हें
गिनकर
रक्खा
था
किसी
ग़रीब
की
जोड़ी
हुई
रक़म
की
तरह
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
75 Likes
जान
लेना
कि
नया
हाथ
बुलाता
है
तुम्हें
गर
कोई
हाथ
छुड़ाए
तो
छुड़ाने
देना
Ameer Imam
Send
Download Image
50 Likes
तेरा
पीछा
करते
करते
जाने
क्यूँ
मैं
दुनियादारी
से
पीछे
छूट
गया
तूने
तो
ऐ
जान
महज़
दिल
तोड़ा
था
तू
क्या
जाने
मैं
अंदर
तक
टूट
गया
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
28 Likes
उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
Read Full
Aakash Giri
Send
Download Image
9 Likes
क़ल्ब-ए-हज़ी
मता-ए-जाँ
यूँँ
शाद
कीजिए
कसरत
के
साथ
आप
हमें
याद
कीजिए
दौलत
में
चाहते
हो
इज़ाफा
अगर
शजर
तो
बेकसों
यतीमों
की
इमदाद
कीजिए
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
चाहे
हो
आसमान
पे
चाहे
ज़मीं
पे
हो
वहशत
का
रक़्स
हम
ही
करेंगे
कहीं
पे
हो
दिल
पर
तुम्हारे
नाम
की
तख़्ती
लगी
न
थी
फिर
भी
ज़माना
जान
गया
तुम
यहीं
पे
हो
Read Full
Nirmal Nadeem
Send
Download Image
4 Likes
वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
33 Likes
मेरी
ही
जान
के
दुश्मन
हैं
नसीहत
वाले
मुझ
को
समझाते
हैं
उन
को
नहीं
समझाते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
22 Likes
Read More
जश्न
मैं
मौत
का
मनाता
हूँ
मैं
तो
मर
कर
भी
गीत
गाता
हूँ
जल्दबाज़ी
बहुत
रही
होगी,
हाँ
पुरानी
ग़ज़ल
सुनाता
हूँ
जान
करती
रही
मुझे
वा'दा,
मैं
कभी
भी
नहीं
निभाता
हूँ
डगमगाता
नहीं
कभी
सच
से,
मैं
न
ग़लती
कभी
छुपाता
हूँ
आख़िरी
मुशायरे
में
हूँ
झूठ
तो
मैं
नहीं
बताता
हूँ
भर
रहा
दिल
मिरा,
ग़लत
जो
हूँ,
आँख
नम
है,
मगर
हँसाता
हूँ
सोचता
जो
कभी
ख़ुदास
थे
आज
उनको
बहुत
रुलाता
हूँ
ये
अजब
लोग
और
ये
क़िस्से
याद
है
,
हाँ
मगर
भुलाता
हूँ
चाह
कोई
नहीं
मिले
मुझ
सेे
मिल
के
सब
सेे
जो
रूठ
जाता
हूँ
बात
मंज़िल
की
हो
जहाँ
पर
भी
खु़द
को
'राही'
वहाँ
बताता
हूँ
Read Full
RAAHI
Download Image
4 Likes
याद-दिलबर
और
मिसरे
वक़्त
के
मोहताज
तो
नइं
हम
सुख़न-वर
और
'आशिक़,
इस
घड़ी
का
क्या
करेंगे
RAAHI
Send
Download Image
1 Like
प्यार
में
चाहते
रंग
गोरा
सभी
जिस्म
होना
ये
काला
ग़लत
हो
गया
RAAHI
Send
Download Image
2 Likes
मैं
भी
निकला
घर
से
पछता
लेने
ग़म
से
ही
ग़म
का
घर
लुटवा
लेने
ज़ालिम
है
घर
वाले
मेरे,
मत
आ
मत
आ
मेरे
'आशिक़,
चाँटा
लेने
हम
भी
दिल
हारे
बैठे
है
जानम
आना
तो
होगा
ही
ख़तरा
लेने
घर
वालों
ने
तेरे
इज़्ज़त
तो
दी
क्या
कहता
मैं,
आया
धोखा
लेने
उनको
तो
मैं
तेरा
दुल्हा
लगता
जो
आया
दुल्हन
से
रुसवा
लेने
जाने
जाॅं
तुम
वापस
मत
आ
जाना
अब
मुझ
सेे
फिर
कोई
वा'दा
लेने
बोला
था
मत
आना,
फिर
क्यूँ
आए
चाहत
है
वापस,
या
बदला
लेने
'राही'
के
दिल
में
ख़ंजर
दे
कर
आई
हो
क्या
झगड़े
सुलझा
लेने
?
Read Full
RAAHI
Download Image
1 Like
इस
तरह
से
तू
ख़्वाब
में
मत
आ
सुब्ह
से
मेरे
लम्स
सूजे
हैं
RAAHI
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Hasrat Shayari
Mazhab Shayari
Dhoop Shayari
Charity Shayari
Propose Shayari